“In law, a man is guilty when he violates the rights of others. In ethics, he is guilty if he only thinks of doing so.” — Immanuel Kant
(Answer in 150 words) 10
“कानून के अनुसार, यदि मनुष्य दूसरों के अधिकारों का उल्लंघन करता है तो वह दोषी है। नीतिशास्त्र के अनुसार, यदि वह केवल ऐसा करने के बारे में सोचता है तो वह दोषी है।” — इमैनुएल कांट
(उत्तर 150 शब्दों में दीजिए)



